पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्रसार निदेशक डॉ. विनोद शर्मा ने जुलाई में मानसून की बारिश के कारण हवा में नमी बढ़ जाती है। इससे सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। यही कारण है कि इस दौरान पानी से होने वाली बीमारियों और संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में हमारा आहार ऐसा होना चाहिए जो आसानी से पच सके और संक्रमण से बचाए।
डॉ. विनोद शर्मा कहा कि अपने दैनिक आहार में लौकी, करेला और टिंडा जैसी हल्की व सुपाच्य सब्जियों को प्राथमिकता दें। इसके अलावा मॉनसून की अन्य सब्जियां जैसे भिंडी, अदरक और हल्दी को भी डाइट में जरूर शामिल करें। इस मौसम में ज्यादा तेल वाले, गहरे तले हुए और भारी (गरिष्ठ) भोजन से पूरी तरह बचें, क्योंकि वर्षा ऋतु में इन्हें पचाना काफी मुश्किल होता है।
उन्होंने कहा कि बाजार से लाई गई सभी कच्ची सब्जियों और फलों को साफ पानी से अच्छी तरह धोने के बाद ही इस्तेमाल करें। बिना छिलका उतारे किसी भी फल का सेवन न करें। बाजार में मिलने वाले पहले से कटे हुए सलाद को खाने से सख्त परहेज करें। हमेशा ताजा खाना बनाकर ही खाएं और बासी भोजन से बचें। यदि खाना बच जाता है, तो उसे तुरंत फ्रिज में सुरक्षित रखें।
पानी से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा के स्थान पर हर्बल चाय का सेवन करें। इसके अलावा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए डाइट में दही और छाछ को शामिल करें।