बरियाल (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर ट्रेनों की बहाली की राह देख रही जनता अब रेलवे बोर्ड की कार्यप्रणाली से बिफर गई है। पिछले दो महीनों से जारी ट्रायलों के दौर को सोशल मीडिया पर बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी बताकर ट्रोल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि रेलवे कोर्ट की तरह सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहा है, जबकि धरातल पर इंजन तो दौड़ रहे हैं, लेकिन यात्रियों के लिए डिब्बे खाली हैं।
इस साल 12 जनवरी को महाप्रबंधक अशोक वर्मा के निरीक्षण के बाद 17 जनवरी को रेल इंजन का ट्रायल हुआ। इससे पहले आश्वासन दिया गया था कि 26 जनवरी तक रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी, लेकिन फरवरी बीतने को है और ट्रायल खत्म नहीं हो रहे। 24 फरवरी को रेल सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल द्वारा छह कोच वाली रेलगाड़ी का सफल ट्रायल लेने के बावजूद, अब 28 फरवरी को ओएमएस उपकरण से पटरियों के निरीक्षण का नया पत्र जारी कर दिया गया है।
अनिल भारद्वाज, राजेश नंदपुरी और अश्वनी गुलेया सहित नगरोटा सूरियां के ग्रामीणों का आरोप है कि जितने समय से जांच चल रही है, उतने में तो नई पटरी बिछाई जा सकती थी। लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान के प्रतिनिधि पीसी विश्वकर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि होली से पहले पठानकोट-बैजनाथ रेल सेवा बहाल नहीं हुई तो जनता के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
28 फरवरी को ओएमएस निरीक्षण के बाद पठानकोट से बैजनाथ तक सीधी रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी। इसके लिए समय-सारिणी तैयार की जा रही है। -राजपाल, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, पठानकोट