धर्मशाला। चंबा के दुर्गम क्षेत्र पांगी के लोगों को सितंबर से पहली बार 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलने की उम्मीद है। बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चल रहा प्रोजेक्ट अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रोजेक्ट के तहत एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। इसका काम अगस्त के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही थरोट से किलाड़ तक 45 करोड़ रुपये की लागत से करीब 80 किलोमीटर लंबी नई 33 केवी विद्युत लाइन बिछाई जा रही है। विद्युत बोर्ड का दावा है कि इसका काम भी अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा।
पांगी के कई दुर्गम इलाकों में बर्फबारी और खराब मौसम के कारण वर्षों से बिजली व्यवस्था प्रभावित होती रही है। कई क्षेत्रों में लोगों को लंबे समय तक बिजली की समस्या का सामना करना पड़ता है। सोलर प्लांट और नई विद्युत लाइन शुरू होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कारोबार और सरकारी सेवाओं को भी लाभ मिलेगा। इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए अहम माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड के मुख्य अभियंता (उत्तर क्षेत्र) अजय गौतम ने बताया कि एक मेगावाट सोलर प्लांट और थरोट से किलाड़ तक नई 33 केवी विद्युत लाइन का 90 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। अगस्त तक पूरा काम समाप्त होने के बाद सितंबर से पांगी क्षेत्र के लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।