लंबागांव में सड़क पर बिखरी रेत-बजरी। संवाद
लंबागांव (कांगड़ा)। उपमंडल लंबागांव के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संपर्क मार्गों और मुख्य सड़क पर ओवरलोड टिपरों और ट्रकों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन वाहनों से लगातार सड़क पर गिर रही रेत और बजरी अब राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्किडिंग जोन (फिसलन) पैदा कर रही है, जिससे क्षेत्र में हादसों का ग्राफ बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की कथित ढील के चलते ट्रक चालक बिना तिरपाल ढके और क्षमता से अधिक निर्माण सामग्री लादकर धड़ल्ले से गुजर रहे हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। क्षेत्र के तीखे मोड़ों और ढलानों पर बिखरी बजरी सबसे अधिक खतरनाक साबित हो रही है। अचानक ब्रेक लगाने पर दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों के अनुसार किसी भी टिप्पर या ट्रक में निर्माण सामग्री को तिरपाल से पूरी तरह ढकना अनिवार्य है ताकि सामग्री सड़क पर न गिरे, लेकिन यहां नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि पुलिस के सामने से ये वाहन गुजरते हैं, फिर भी इनके चालान नहीं काटे जा रहे।
लंबागांव में सड़क पर बिखरी रेत-बजरी। संवाद
लंबागांव में सड़क पर बिखरी रेत-बजरी। संवाद
लंबागांव में सड़क पर बिखरी रेत-बजरी। संवाद