धर्मशाला। जिला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के धर्मशाला स्थित खेल परिसर में खेल गतिविधियों के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार के तोड़फोड़ या नुकसान की भरपाई आयोजकों को ही करनी होगी। यह निर्णय आयोजकों को खेल परिसर की संपत्ति के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
अब जिला खेल विभाग आयोजकों को अनुमति पत्र के साथ परिसर के रखरखाव से जुड़े नियमों की जानकारी दे रहा है। पहले भी खेल परिसर के इंडोर स्टेडियम में बड़े आयोजनों के दौरान फर्श और फ्लोर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसकी मरम्मत के लिए विभाग को आयोजकों से कई बार पत्राचार करना पड़ा था, जिसके बार मरम्मत के लिए राशि जारी हुई थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए अब शिक्षण संस्थानों और अन्य संघों को खेल गतिविधियों की अनुमति देते समय स्पष्ट नियम बताए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी भी नुकसान की भरपाई से आयोजक बच न सकें।
जिला खेल अधिकारी सन्नी कुमार ने बताया कि खेल परिसर में आयोजनों के लिए नियम बनाए गए हैं। इनकी जानकारी अब अनुमति पत्र के साथ ही आयोजकों को दी जा रही है। यदि खेल गतिविधियों के दौरान कोई तोड़फोड़ या नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी और उन्हें ही मरम्मत का खर्च उठाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि खेल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि किस आयोजन के दौरान परिसर को कितना नुकसान पहुंचा।