फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विपक्ष की राजनीति की भेंट चढ़ा महिला सशक्तीकरण का अवसर : डॉ. राजीव

विज्ञापन
धर्मशाला में पत्रकार वार्ता करते सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और अन्य। -अमर उजाला
विज्ञापन
धर्मशाला। कांगड़ा-चंबा के लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के सशक्तीकरण के ऐतिहासिक अवसर को विपक्ष ने अपनी नकारात्मक राजनीति की भेंट चढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन की अधिकतम समयसीमा 2034 तक है, लेकिन केंद्र सरकार की मंशा इसे 2029 तक ही प्रभावी बनाने की थी।
विज्ञापन

सोमवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता में डॉ. भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित इस अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। 26 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद प्रस्तावित परिसीमन और जातिगत जनगणना इस दिशा में निर्णायक कदम हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सहयोग करता, तो 2029 तक महिलाओं को यह आरक्षण धरातल पर मिल जाता, लेकिन विपक्ष की मंशा केवल बाधा डालने की रही।
सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा है। विशेषकर दक्षिण भारत के नागरिकों के बीच यह भ्रम फैलाया गया कि आरक्षण और परिसीमन के कारण उनकी सीटें कम हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री द्वारा बार-बार स्थिति स्पष्ट करने के बावजूद विपक्ष अपने अड़ियल रुख पर कायम रहा।
विज्ञापन

डॉ. राजीव ने याद दिलाया कि महिलाओं के हित में प्रयास पूर्व में एचडी देवेगौड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकारों के दौरान भी हुए थे, लेकिन उस समय भी विपक्ष ने इसी तरह का असहयोगपूर्ण रवैया अपनाया था। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम की राह में रोड़े अटकाना सीधे तौर पर देश की आधी आबादी का अपमान है और यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति विपक्ष की असंवेदनशीलता का प्रमाण है। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें