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Kangra News: एक ओटीए के सहारे धर्मशाला अस्पताल में हो रहे ऑपरेशन

Mon, 09 Sep 2024 12:26 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में एक ओटीए (ऑपरेशन थियेटर सहायक) के सहारे ऑपरेशन किए जा रहे हैं। करीब छह साल से एक ही ओटीए दिन-रात दोनों शिफ्टों में अपनी सेवाएं दे रहा है। लंबे समय से ओटीए का दूसरा पद खाली होने से सारा भार एक ही व्यक्ति पर आ गया है। इस वजह से ओटीए को जरूरी काम के समय छुट्टी भी नहीं मिल पा रही है। हैरानी की बात है कि किसी भी समय ऑपरेशन के लिए अस्पताल में पहुंचने पर ओटीए को कोई अतिरिक्त भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है। अगर किसी कारण ओटीए छुट्टी पर चला जाता है तो सभी ऑपरेशन लटक जाते हैं।
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वहीं, गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के लिए उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। इसका खामियाजा मरीजों को झेलना पड़ रहा है। सालों से कई पद रिक्त खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार की ओर से जिला कांगड़ा के एकमात्र जोनल अस्पताल में खाली पदों को नहीं भरा जा रहा है। धर्मशाला अस्पताल में सोमवार, मंगलवार, बुधवार और शनिवार को सर्जरी, ईएनटी, गायनी, आंख और ऑर्थो के ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन एक ही ओटीए होने के कारण कई बार ऑपरेशनों की डेट लंबी डालनी पड़ रही है। वहीं, गायनी के ऑपरेशन किसी भी समय हो सकते हैं, इसलिए कई बार ओटीए को रात के समय भी आना पड़ता है। कई बार छुट्टी वाले दिन भी ऑपरेशन करवाने के लिए ओटीए को अस्पताल पहुंचना पड़ता है।
ओटीए का काम ऑपरेशन के दौरान सर्जन की सहायता करना और ऑपरेशन के दौरान सभी जरूरी चीजों की व्यवस्था करना है। इसके अलावा वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम में भी सभी व्यवस्थाएं करना ओटीए का काम है। मगर एक ही ओटीए के लिए यह सभी काम करना आसान नहीं है। धर्मशाला अस्पताल में मौजूदा समय में दो सर्जन, दो ईएनटी विशेषज्ञ, एक गायनी, दो नेत्र रोग विशेषज्ञ और दो ऑर्थो के डाॅक्टर मौजूद हैं। इन सभी विभागों के मरीजों के ऑपरेशन अस्पताल में किए जाते हैं।
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- अस्पताल में रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए समय-समय पर सरकार को अवगत करवाया जाता है। जैसे की सरकार की ओर से पदों को भरने की मंजूरी मिल जाएगी तो जल्द इन पदों को भर दिया जाएगा, जिससे की अस्पताल में मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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- डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, जोनल अस्पताल धर्मशाला
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