मैक्लोडगंज। धर्मशाला के नड्डी स्थित डल झील में इस बार पवित्र स्नान 11 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। छोटे मणिमहेश नाम से मशहूर इस स्थान पर पवित्र स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह चार बजे निर्धारित किया गया है।
इस दिन, झील किनारे स्थित प्राचीन दुर्वेश्वर मंदिर से भगवान शंकर के कलश को लेकर झील में डुबोकर झील की शुद्धि की जाएगी। इसके बाद मंदिर के पुजारी स्नान करेंगे और फिर कलश को दुर्वेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित किया जाएगा। पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं का स्नान क्रम शुरू होगा।
डल झील में स्नान का महत्व मणिमहेश में स्नान के समान माना जाता है। इसलिए जो लोग मणिमहेश नहीं जा पाते, वे डल झील में स्नान करके पुण्य प्राप्त कर लेते हैं। पवित्र डल स्नान के लिए इस बार भी जिले और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है। राधाष्टमी पर डल झील में स्नान के दिन जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में मंदिर ट्रस्ट की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर के पुजारी सुभाष शर्मा ने बताया कि 10 दिसंबर को पूरा दिन भजन कीर्तन होगा और 11 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में कलश के साथ झील की शुद्धि की जाएगी।
मंदिर ट्रस्टी संजीव जसवाल ने बताया कि राधाष्टमी पर डल झील में स्नान के दौरान भारी संख्या में लोग उमड़ते हैं। उप मुख्य सचेतक एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने इस बार जिला स्तरीय कार्यक्रम का बीड़ा उठाया है और इस बार कार्यक्रम भव्य होगा।