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Kangra News: कभी ठहरते थे अफसर, अब असुरक्षा का बसेरा

Tue, 24 Mar 2026 07:06 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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विकासखंड लंबागांव की कोसरी पंचायत में वन विभाग के विश्राम गृह का जर्जर भवन। संवाद
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-लंबागांव की कोसरी पंचायत में बदहाली पर आंसू बहा रहा विश्राम गृह
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-दीवारों में दरारें, टूटी खिड़कियां और आसपास फैली गंदगी बयां कर रही कहानी
-लोगों की मांग, नया भवन बने तो यहां ठहर सकेंगे आशापुरी के श्रद्धालु

संवाद न्यूज एजेंसी
लंबागांव (कांगड़ा)। विकास खंड लंबागांव की कोसरी पंचायत में वर्ष 1989-90 में वन विभाग की ओर से बनाया गया विश्राम गृह बदहाली पर आंसू बहा रहा है। भवन की दीवारों में दरारें, टूटी खिड़कियां और आसपास फैली गंदगी अनदेखी की कहानी बयां कर रही है। समय के साथ रखरखाव के अभाव के कारण भवन जर्जर हो गया है, जिससे इसका उपयोग बंद हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी यह विश्राम गृह अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने के लिए इस्तेमाल होता था, लेकिन अब यहां ठहरना सुरक्षित नहीं है। इस विश्राम गृह के समीप पहाड़ी पर माता आशापुरी का ऐतिहासिक मंदिर स्थित है, जहां दूरदराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यदि इस जर्जर भवन को ध्वस्त कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया विश्राम गृह बनाया जाए, तो श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकती है।
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नया भवन बनने से वन विभाग सहित अन्य विभाग भी इसका उपयोग बैठकों और आधिकारिक कार्यों के लिए कर सकेंगे। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र को इसका लाभ मिल सके। यदि समय रहते इस भवन के पुनर्निर्माण की योजना बनाई जाती, तो क्षेत्र के विकास और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
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उधर, इस संबंध में पालमपुर स्थित डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। बजट मिलते ही इसकी स्थिति में सुधार किया जाएगा। साथ ही नए भवन निर्माण का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

विकासखंड लंबागांव की कोसरी पंचायत में वन विभाग के विश्राम गृह का जर्जर भवन। संवाद

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