संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी/चामुंडा/कांगड़ा। आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र की पंचमी पर रविवार को जिले की प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सुबह हुई तेज बारिश भी भक्तों के कदम नहीं थाम सकी। ज्वालामुखी, श्री बज्रेश्वरी और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में करीब 54 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
सबसे अधिक 50 हजार श्रद्धालु ज्वालामुखी मंदिर आए। कांगड़ा स्थित श्री बज्रेश्वरी मंदिर और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में दो-दो हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
ज्वालामुखी मंदिर में सुबह पांच बजे से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं जो देर शाम तक जारी रहीं। श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला की दिव्य ज्योतियों के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, टेंट, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता और दर्शन की समुचित व्यवस्था की गई थी। इस दौरान मां ज्वाला का विशेष पूजन और शृंगार किया गया।
मंदिर परिसर में विश्व शांति और जनकल्याण के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना भी जारी रही। श्रीमद् देवी भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य सुरेश आनंद ने देवी भक्ति, धर्म और आत्मसमर्पण का महत्व बताते हुए कहा कि निष्काम भक्ति से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।उधर, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
कम भीड़ के कारण श्रद्धालुओं ने बिना लंबी कतार के सहजता से दर्शन किए। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखीं। वहीं, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे खुलेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। संवाद