चपलाह में श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद संगत। -स्रोत: आयोजक
रक्कड़ (कांगड़ा)। तहसील रक्कड़ के गांव चपलाह में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में पंडित सुमित शास्त्री ने कहा कि अंतकाल आने पर भयभीत होने की बजाय पुण्य तीर्थ जाकर ओंकार का जप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ओंकार संपूर्ण सृष्टि का आधार है और इसका जप करने वाला परम गति को प्राप्त होता है।
शास्त्री ने श्राद्ध कर्म की महत्ता पर भी प्रकाश डाला और बताया कि श्रद्धा पूर्वक किए गए श्राद्ध से पितृ प्रसन्न होकर दीर्घायु, संतान, धन और सुख प्रदान करते हैं। श्राद्धकर्ता में पवित्रता, अक्रोध और अचापल्य जैसे गुण होना अनिवार्य है। कथा के दौरान सुंदर भजन गाए गए, जिसने भक्तों को भावविभोर कर दिया। कथा में अनुज शर्मा, ईशान, पंडित मुकेश, अश्वनी कुमार, नैतिक, रेखा, ऐना, अदिति और ऊषा देवी ने भाग लिया।