र्मशाला। टांडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुविधा के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन पर्ची सिस्टम धरातल पर बुरी तरह फेल हो गया है। बुधवार को ओपीडी में पहुंचे कई मरीजों को सुगम स्वास्थ्य एप पर ऑनलाइन पर्ची के बावजूद डॉक्टरों ने काउंटर से दोबारा ऑफलाइन पर्ची बनवाने के लिए भेज दिया। नतीजा यह रहा कि लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा। इससे घंटों समय बर्बाद हुआ।
कुछ समय पहले कॉलेज प्रशासन ने सुगम स्वास्थ्य एप पर तीन विभागों की ओपीडी की पर्ची घर बैठे ऑनलाइन बनाने की सुविधा शुरू की थी। योजना के मुताबिक मरीज अस्पताल पहुंचते ही सीधे डॉक्टर के पास जांच के लिए जा सकते थे, लेकिन हकीकत में उलटा हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऑनलाइन पर्ची से मरीज तो आ जाते हैं, लेकिन दवाइयां कहां लिखें।
मरीजों को दवाएं लिखने के लिए ही दोबारा काउंटर पर पर्ची बनवाने को कहा जाता है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि दवा लिखने की सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध है। मगर ओपीडी में तैनात विशेषज्ञ ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करने से परहेज कर रहे हैं। इससे दूरदराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
बुधवार को बेटे को लेकर बाल रोग ओपीडी में पहुंचे जोगिंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने बीमार बच्चे के लिए ऑनलाइन पर्ची बुक करवाई थी। वह उसी पर्ची के साथ बेटे को लेकर ओपीडी में पहुंच गए। मगर वहां मौजूद डॉक्टर ने जांच से पहले ही काउंटर से ऑफलाइन पर्ची बनाने को कहा। मजबूरन बच्चे को लेकर लाइन में लगना पड़ा और फिर ओपीडी में वापस जाना पड़ा। मरीजों का कहना है कि यह सुविधा लाभ देने की बजाय परेशानी बढ़ा रही है, खासकर दूरदराज से आने वालों के लिए।
टांडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुविधा के लिए सुगम स्वास्थ्य एप शुरू की है। इससे वे ऑनलाइन पंजीकरण कर के ओपीडी में जा सकते हैं। फिलहाल यह पायलट प्रोजेक्ट है, इसलिए हो सकता है कि कुछ खामियां हों। अगर फिर भी कोई मरीज शिकायत करता है तो इसका जांच की जाएगी।
-डॉ. विवेक बन्याल, एमएस, टांडा मेडिकल कॉलेज।