देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। पौंग बांध विस्थापितों ने प्रदेश सरकार से पुनः सहयोग की अपील की है। राजस्थान में उन्हें मिले जमीन के मरब्बों के विवादित मामले की सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई जुलाई के तीसरे सप्ताह होनी है। इस मामले में उनकी पैरवी के लिए सरकार से वरिष्ठ वकीलों की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
पौंग बांध विस्थापित समिति के प्रदेश अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने कहा कि वे 64 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा में हैं। बांध से राजस्थान को लाभ हुआ, लेकिन विस्थापितों को आरक्षित भूमि का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा विस्थापितों के लिए आरक्षित भूमि पर स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया है।
चौधरी ने कहा कि राजस्थान सरकार विस्थापितों के पक्ष में खड़ी है, जबकि हिमाचल की कोई भी सरकार अब तक उनकी समस्या को प्राथमिकता नहीं दे पाई है। अब तक विस्थापित स्वयं अपने खर्चे पर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन अंतिम सुनवाई के मद्देनजर प्रदेश सरकार से वकीलों की व्यवस्था की उम्मीद है। इसी बीच पौंग विस्थापित समिति ने बुधवार को देहरा में दस्तावेज जमा करवाने का शिविर भी लगाया, जिसमें लगभग एक दर्जन से अधिक विस्थापितों ने अपने संबंधित कागजात जमा कराए।