धर्मशाला। अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक उत्सव मना रहे राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला ने समुदाय के लिए शिक्षा के द्वार और अधिक व्यापक रूप से खोलने का निर्णय लिया है। इस उपलक्ष्य को यादगार बनाने के लिए महाविद्यालय ने जॉय ऑफ फिजिक्स ओपन लैब स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
सोमवार को महाविद्यालय प्रशासन ने भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद (आईएपीटी) एवं नेशनल अन्वेषिका नेटवर्क ऑफ इंडिया के साथ, हिम अन्वेषिका के माध्यम से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया तथा हिम अन्वेषिका के समन्वयक दिनेश कुमार ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। लैब का निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा और एक माह के भीतर यह विद्यार्थियों के लिए खोल दी जाएगी। इस अवसर पर भौतिकी विभाग से डॉ. सरिता कुमारी, डॉ. गोविंद सिंह तथा केमिस्ट्री विभाग से रजनीश दीवान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भौतिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विक्रम श्रीवत्स और समन्वयक दिनेश कुमार ने बताया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भौतिक विज्ञान के प्रति रुचि जगाना है। इस ओपन लैब की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि कार्य दिवसों के अतिरिक्त, सुबह-शाम और छुट्टियों के दिन भी स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थी यहां आकर उच्च स्तरीय यंत्रों के साथ प्रयोग कर सकेंगे। इससे उन्हें केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) अनुभव प्राप्त होगा।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के प्रो. कुलदीप कुमार ने बताया कि भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद की हिमाचल रीजनल काउंसिल इस प्रोजेक्ट में तकनीकी और शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान करेगी। यहां कम लागत वाले, रोचक और नवाचारी प्रयोगों पर बल दिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों की अवधारणात्मक स्पष्टता बढ़े और उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण सुदृढ़ हो।
जॉय ऑफ फिजिक्स ओपन लैब की खासियत
धर्मशाला कॉलेज में स्थापित होने वाली जॉय ऑफ फिजिक्स ओपन लैब अपने आप में खास होगी। यहां स्लॉट बुकिंग और वर्कशॉप की सुविधा रहेगी। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज अपने विद्यार्थियों के लिए पहले से स्लॉट बुक कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगे। यहां नवाचारी प्रयोगों के लिए शैक्षणिक और तकनीकी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।