पालमपुर (कांगड़ा)। नगर निगम पालमपुर के क्षेत्र में सड़क के किनारे खड़े वाहनों से जाम लगने के लिए पुलिस प्रशासन ही नहीं, लोग भी जिम्मेवार है। शहर में पार्किंग की कमी का हवाला तो हर कोई देता है, इसके आरोप सरकार और नगर निगम पर भी लगते हैं लेकिन शहर में पार्किंग होने के बावजूद बहुत कम लोग इसका उपयोग करते हैं। शहर पालमपुर में पांच के करीब पार्किंग स्थल हैं। इनकी खुले रूप से नीलामी की गई है लेकिन इन पार्किग में वाहन कम ही पार्क किए जा रहे हैं। कारण यह है कि लोग अपने चौपहिया वाहन के 25 या 30 रुपये और दोपहिया वाहन से पांच से 20 रुपये पार्किंग के नहीं देना चाहते हैं, जबकि वे अपने वाहन को सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे जाम की नौबत आ जाती है। लोगों का कहना है खाली पड़ी पार्किंगों के बजाय सड़क के किनारे वाहन खड़े करने को लेकर पुलिस को भी सख्त होना होगा, ताकि शहर में जाम न लगे।
शहर में पार्किंग की सुविधा है तो एक सभ्य व्यक्ति के तौर पर लोगों को अपने वाहन सड़कों के बजाय पार्किंगों में खड़े करने चाहिए। हालांकि, पांच-दस मिनट तो चल सकते हैं लेकिन उससे ऊपर पार्किंग में वाहन खड़ा करना चाहिए। इसके लिए पुलिस को भी सख्त होना होगा कि लोग अपने वाहन काफी देर सड़क के किनारे न खड़़ा कर सकें।
- जगमेल कटोच, एडवोकेट
लोग सड़क के किनारे अपना वाहन खड़ा कर चले जाते हैं। इससे शहर में जाम लग जाता है। इसके लिए पुलिस प्रशासन को भी थोड़ा सख्त होना होगा। -नीटू सूद, पालमपुर
शहर में करीब पांच पार्किंग चल रही हैं, जो नगर निगम ने खुली बोली में ठेकेदारों को नीलाम की है लेकिन ठेकेदारों का भी यह आरोप लगा रहता है कि शहर में पार्किग बनाने की क्या जरूरत है। लोग पार्किंग में तो अपने वाहन खड़ा करते नहीं हैं। जिसे देख कई बार ठेकेदार बीच में भी पार्किग छोड़ गए हैं। -गोपाल नाग, महापौर नगर निगम पालमपुर
लोग अपना वाहन सड़क के किनारे काफी देर तक चले जाते हैं। इससे शहर में भी जाम लगने की नौबत आती है। हालांकि पुलिस अपनी कार्रवाई करती है लेकिन इसके लिए थोड़ा लोगों को भी जागरूक होना होगा।
-लोकेंद्र सिंह नेगी, डीएसपी पालमपुर
नीटू सूद
नीटू सूद
नीटू सूद
नीटू सूद