कहा, मुख्यमंत्री बताएं कि क्षति की भरपाई किस तरह से करेगी प्रदेश सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
जसूर(कांगड़ा)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को नूरपुर क्षेत्र में फोरेंसिक लैब का उद्घाटन, जसूर के जाच्छ में एसपी कार्यालय के प्रशासनिक कार्यालय का शिलान्यास रखेंगे। इस दौरे का क्षेत्र की जनता स्वागत करती है, लेकिन जनता जानना चाहेगी कि वर्तमान शासनकाल के दौरान क्षेत्र अनदेखी का शिकार क्यों हुआ। उन्होंने सीएम से सवाल किया कि इस क्षति की भरपाई वे किस प्रकार करेंगे। यह बात शनिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ के सह-निदेशक राजेश पठानिया ने कही।
उन्होंने कहा कि नूरपुर स्थित करोड़ों की लागत से मातृ-शिशु अस्पताल लगभग तीन वर्ष पहले बन चुका है, लेकिन आज दिन तक यह शुरू ही नहीं हो सका। अस्पताल शुरू न होने के कारण माताओं-बहनों को सुरक्षित प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इस अस्पताल में बिजली-पानी, चिकित्सक और अन्य स्टॉफ की तुरंत व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कंडवाल, बरंडा, खन्नी, जसूर बेल्ट की अनेकों पंचायतों के लिए जल शक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय गत शासन में घोषित हुआ था। इसका भवन भी बन गया है। यह कार्यालय आज दिन तक शुरू होने की वाट जोह रहा है। इसके अलावा नूरपुर के अधूरे पड़े कॉलेज का निर्माण, चौगान स्तिथ स्टेडियम का कार्य, नूरपुर में सीवरेज व्यवस्था के अलावा अनेक स्कूलों में शिक्षकों और पटवार खानों में पटवारी के पद रिक्त होने के कारण जनता को भारी असुविधा हो रही है। जसूर फ्लाई ओवर निर्माण कार्य के कछुआ चाल से कस्बे का कारोबार चौपट हो चुका है।