धर्मशाला। जिले के पांच नागरिक अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड सुविधा ठप होने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूरन निजी केंद्रों या अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही, पेट संबंधित बीमारियों से पीड़ित अन्य मरीजों को भी जांच के लिए भटकना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नागरिक अस्पताल कांगड़ा, डाडासीबा, जवाली, फतेहपुर और ज्वालामुखी में नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, तो कहीं तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से जांच ठप है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) धीरा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चढ़ियार में भी अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड एक बेहद जरूरी जांच है। सरकारी अस्पतालों में सुविधा न मिलने पर गर्भवती महिलाएं जब बाहर निजी केंद्रों का रुख करती हैं, तो उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
स्थानीय निवासियों व मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि प्रभावित अस्पतालों में जल्द से जल्द अल्ट्रासाउंड सुविधा बहाल की जाए और जहां चिकित्सक नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
उधर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सरकार की ओर से जल्द ही सभी आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नई अल्ट्रासाउंड मशीनें खरीदी जाएंगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।