धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में सोमवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पटरी से उतरी नजर आईं। दूरदराज से आए कई मरीजों को बिना इलाज मायूस होकर घर लौटना पड़ा। अस्पताल के हड्डी रोग (ऑर्थो) विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में व्यस्त थे। इससे ओपीडी में मरीजों की जांच नहीं हो पाई। वहीं, गायनी ओपीडी में सुबह 10 बजे तक ही करीब 90 महिलाएं पहुंच चुकी थीं। इनमें अधिकतर गर्भवती थीं।
काफी देर इंतजार करने के बाद जब स्टाफ नर्स ने बताया कि दोनों महिला विशेषज्ञ छुट्टियां पर हैं और ओपीडी में केवल एक मेडिकल ऑफिसर व टांडा की प्रशिक्षु तैनात हैं, तो अधिकांश महिलाएं बिना जांच लौट गईं।
प्रसव (डिलीवरी) के लिए बुलाई गई कुछ महिलाओं को भी डॉक्टर न होने के कारण वापस जाना पड़ा। इसके अलावा त्वचा (स्किन) और ईएनटी ओपीडी में भी मरीजों को पर्ची काउंटर से ही वापस लौटा दिया गया। लंबी लाइनों में खड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों की अनुपलब्धता की सही जानकारी न होने से मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हुए।
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ऑर्थो विभाग के डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर में थे। गायनी विभाग की एक चिकित्सक बुखार होने और दूसरी जरूरी काम के कारण छुट्टी पर थीं। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला