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Kangra News: एनआईटी हमीरपुर बनाएगा बज्रेश्वरी मंदिर के कायाकल्प का मास्टर प्लान

Sun, 19 Apr 2026 09:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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बज्रेश्वरी मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता करते एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल और बैठक में मौजूद अ
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कांगड़ा। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता बज्रेश्वरी मंदिर को देश के अन्य विकसित और भव्य तीर्थ स्थलों की तर्ज पर संवारने की तैयारी शुरू हो गई है। शनिवार को एसडीएम इशांत जसवाल की अध्यक्षता में मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई। इसमें एनआईटी हमीरपुर से मंदिर और आसपास के क्षेत्र का कायाकल्प करने का मास्टर प्लान तैयार करवाने का फैसला लिया गया है।
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बैठक में तय हुआ कि मास्टर प्लान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे धरातल पर उतारने के लिए नगर परिषद और मंदिर से लगती तमाम पंचायतों को भी शामिल किया जाएगा। इन सभी हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे, ताकि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ढांचागत विकास किया जा सके।

बैठक में मंदिर की मर्यादा और भव्यता को बढ़ाने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया। बज्रेश्वरी घाट पर होने वाली संध्याकालीन आरती को अब आउटसोर्स के माध्यम से करवाया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ पुजारियों और सेवादारों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट के किनारे छोटी और व्यवस्थित दुकानें बनाने की भी योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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मंदिर की आय में बढ़ोतरी और श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ट्रस्ट ने चुनरी और नारियल के रेट संशोधित किए हैं। अब ग्रेड और क्वालिटी के आधार पर चुनरी का रेट 40, 50 और 400 रुपये निर्धारित किया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं के आकर्षण के लिए तहसील चौक पर बने सेल्फी पॉइंट में आधुनिक एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। बैठक में मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्यों ने भी मंदिर के उत्थान को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।



कांगड़ा से लेकर पठियार तक फैली संपत्ति की होगी बाड़बंदी

कांगड़ा। शक्तिपीठ माता बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा से लेकर पठियार तक फैली करोड़ों रुपये की संपत्ति को अतिक्रमण से बचाया जाएगा।शनिवार को हुई मंदिर ट्रस्ट की बैठक में निर्णय लिया गया कि मंदिर की जमीन की बाड़बंदी की जाएगी। अकेले पठियार क्षेत्र में माता की करीब 67 कनाल भूमि है, जिसकी घेराबंदी का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू होगा। इसके अलावा कच्छयारी और सहौड़ा में भी मंदिर की जमीनों को सुरक्षित किया जाएगा।

पुरानी तोड़कर साढ़े चार करोड़ से बनाई जाएगी नई सराय

एसडीएम इशांत जसवाल ने बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए परिसर के ठीक सामने स्थित पुरानी सराय को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह साढ़े चार करोड़ की लागत से नई सराय बनेगी, जिसमें आधुनिक रसोई और लंगर भवन को शिफ्ट किया जाएगा। इस बदलाव से मंदिर का मुख्य प्रांगण पूरी तरह खुला और भव्य नजर आएगा।
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