कांगड़ा कला संग्रहालय धर्मशाला में अपनी कलाकृति ट्रू शेल्फ के साथ होशियारपुर के कलाकार नवीन। -स
धर्मशाला। इंसान अपने चेहरे पर हंसी का मुखौटा पहनकर अपने भीतर के दर्द, तनाव और नफरत को कैसे छुपाए रखता है, इस भावना को होशियारपुर के कलाकार नवीन ने कैनवास पर बेहद खूबसूरती से उकेरा है। धर्मशाला स्थित कांगड़ा कला संग्रहालय में चल रही तीन दिवसीय प्रदर्शनी में नवीन की ट्रू शेल्फ थीम पर आधारित कलाकृति इन दिनों हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
50 वर्षीय कलाकार नवीन ने बताया कि उन्हें बचपन से ही चित्रकला में गहरी रुचि थी और पिछले 40 वर्षों से वे अपनी इस प्रतिभा को कलाकृतियों के रूप में प्रदर्शित कर रहे हैं। उन्होंने अपनी इस विशेष कलाकृति के माध्यम से समाज को यह बताने का प्रयास किया है कि एक इंसान अपने एक ही चेहरे के पीछे कितने अनगिनत चेहरे छुपाकर जीता है। वह दुनिया के सामने तो हंसता हुआ चेहरा दिखाता है, लेकिन अपने भीतर कई तरह के दुखों और तनाव को समेटे रखता है। नवीन ने अपनी कलाकृति के जरिए संदेश दिया है कि दुनिया में भले ही कई रंग, रूप, धर्म और जातियां हों, लेकिन इन सबमें इंसानियत ही सबसे ऊपर है।