जिला चंबा में किसानों को प्रमाण पत्र देते हुए विवि के डॉ. जनार्दन सिंह व अन्य अधिकारीस्त्रोत
पालमपुर (कांगड़ा)। चंबा जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने कवायद तेज कर दी है। इसे लेकर कृषि विवि ने चंबा के भटियात और सलूणी विकास खंडों में कार्यशाला का आयोजन किया।
इसमें प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक कृषि विभागाध्यक्ष डॉ. जनार्दन सिंह ने किसानों से मिट्टी, जल, वायु और पर्यावरण पर रासायनिक पदार्थों के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती इन समस्याओं का एक स्थायी समाधान प्रस्तुत करती है। उन्होंने किसानों को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए खेती करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने प्रतिभागियों को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा समर्थित भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति योजना के बारे में भी जानकारी दी। चंबा में आतमा परियोजना के निदेशक नितिन कुमार शर्मा ने किसानों को स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग करते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने को प्रेरित किया। संवाद