जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल टांडा। स्त्राेत-संवाद।
कांगड़ा। टांडा मेडिकल कॉलेज परिसर में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में अब लोगों को जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। सरकार ने अस्पताल के धरातल और प्रथम मंजिल में सुविधाएं शुरू करने की अनुमति दे दी है। इसके रैंप का रुका हुआ कार्य भी शुरू हो चुका है।
रैंप के पूरा होते ही अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध करवा दी जाएंगी। अस्पताल में लगभग 200 बिस्तर होंगे, जो अत्याधुनिक तकनीक और चिकित्सा सेवाओं से लैस होंगे। इससे विशेष रूप से प्रसव के दौरान होने वाली भीड़भाड़ की समस्या में राहत मिलेगी, जहां वर्तमान में एक बिस्तर पर दो महिलाओं को रखा जाना पड़ता है।
नवजात शिशुओं के लिए नई तकनीक से युक्त देखभाल की जाएगी और गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित चेकअप की सुविधाएं भी आधुनिक उपकरणों से की जाएंगी। साथ आने वाले तीमारदारों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। टांडा मेडिकल कॉलेज प्रदेश के सात से अधिक जिलों कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के लोगों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करता है, ऐसे में यह अस्पताल एक बड़ी राहत साबित होगा।
मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के धरातल और प्रथम मंजिल को शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है। रैंप का कार्य पूरा होते ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य, टांडा मेडिकल कॉलेज