ज्वालामुखी मंदिर में रविवार को उमड़ी भीड़। संवाद
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर रविवार को जिला कांगड़ा के शक्तिपीठों में आस्था का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिला के प्रमुख मंदिरों में कुल 36,500 के करीब श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। सुबह की आरती के साथ ही मंदिरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर शाम तक जारी रहीं।
विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में सबसे अधिक 30 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यहां मुंडन संस्कार का विशेष महत्व रहा। सुबह 10 बजे के शुभ मुहूर्त में सैकड़ों बच्चों का मुंडन संस्कार संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ का भी आयोजन किया गया। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने स्वयं गर्भगृह में व्यवस्थाओं की कमान संभाली और सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखी।
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में करीब 4,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विशेष बात यह है कि इन दिनों आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के लिए भी यात्रा शुरू हो गई है, जहां रोजाना 50-60 श्रद्धालु कठिन चढ़ाई पार कर पहुंच रहे हैं। वहीं, कांगड़ा के श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में भी 2,500 श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी।
ज्वालामुखी मंदिर में रविवार को उमड़ी भीड़। संवाद