शिक्षा खंड जवाली के अधीन पड़ते प्राइमरी व मिडल स्कूलों की ट्रेनिंग में रोष जताती मिड डे मील वर्क
जवाली (कांगड़ा)। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के मिड-डे मील वर्करों की एक दिवसीय ट्रेनिंग रविवार को पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जवाली में थी, लेकिन इस दौरान ट्रेनर ही नहीं पहुंच पाए। लगभग 47 स्कूलों के वर्कर सुबह 9:00 बजे ट्रेनिंग के लिए स्कूल पहुंचे, लेकिन मुख्य गेट बंद मिले। इससे ऐसा प्रतीत हुआ कि ट्रेनिंग की जानकारी किसी को नहीं थी। वर्करों ने मुख्य गेट पर लंबे समय तक इंतजार किया, लेकिन जब गेट नहीं खोला गया, तो वे झाड़ियों से होते हुए स्कूल परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बावजूद दोपहर 12:30 बजे तक कोई स्कूल स्टाफ उपस्थित नहीं था।
वर्कर भूखे-प्यासे परिसर में बने टियाले पर बैठकर इंतजार करते रहे। मीडिया में खबर आने के बाद कुछ समय बाद स्टाफ पहुंचा। गुस्साए मिड-डे मील वर्करों ने अपनी नाराजगी जताते हुए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया और वापस लौट गए। वर्कर दर्शना देवी, पूनम देवी, पिंकी देवी, बीना देवी, प्रवीण कुमारी, मधु बाला, रूपा रानी, रमा देवी, दुर्गेश कुमार, राजू देवी, रीता कुमारी आदि ने कह कि पैदल या टैक्सी से ट्रेनिंग के लिए पहुंचे, लेकिन ट्रेनर के अनुपस्थित रहने के कारण मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, बीपीईओ जवाली प्रभात चंद्र पावा ने कहा कि वह छुट्टी पर थे और प्रिंसिपल का चार्ज अन्य अध्यापक को सौंपा था। अब कोताही कहां हुई और किसने की, इसकी जांच की जाएगी। ट्रेनिंग बीईईओ की तरफ से आयोजित की जाती है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे समय पर स्कूल पहुंचकर व्यवस्था की समीक्षा करें।