धर्मशाला। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्यरत कर्मचारियों को पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है। लगातार वेतन लंबित रहने से ग्राम रोजगार सेवक (जीआरएस), कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और कनिष्ठ लेखापालों को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि नियमित रूप से सेवाएं देने के बावजूद मानदेय न मिलने से परिवार का खर्च चलाना, बैंक ऋण की किस्तें चुकाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। मामले को लेकर मनरेगा कर्मचारियों में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण रोजगार संघ के जिलाध्यक्ष जसविंद्र अंगारिया और पूर्व जिलाध्यक्ष साहिब सिंह ने बताया कि जुलाई माह का वेतन ‘वीबी-जी राम जी’ मद के तहत जारी करने की बात कही जा रही है, जबकि शेष बकाया वेतन के लिए उच्च स्तर पर आवश्यक स्वीकृति और बजट का इंतजार किया जा रहा है।
कर्मचारी नेताओं ने सरकार और संबंधित विभाग से अविलंब लंबित वेतन जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन पाना कर्मचारियों का अधिकार है और इसमें हो रही लगातार देरी से कर्मियों का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने शीघ्र समाधान न होने पर रोष जताने की चेतावनी भी दी है।