हिंदू, सामाजिक संगठनों ने किया विरोध, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
मातृ शिशु अस्पताल की दीवार के साथ लगती खाली जमीन पर हुआ है कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
नूरपुर (कांगड़ा)। उपमंडल मुख्यालय नूरपुर स्थित सिविल अस्पताल के सामने मस्जिद की आड़ में कथित तौर पर अवैध निर्माण के विरोध में विभिन्न हिंदू, सामाजिक संगठनों ने सोमवार को प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से तुरंत अवैध निर्माण को तोड़कर कब्जा हटाने की मांग उठाई। इस मसले पर तहसीलदार नूरपुर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नूरपुर सिविल अस्पताल के ठीक सामने डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम चेरिटेबल ट्रस्ट के साथ एक हिस्से में मस्जिद बनी हुई है।
जहां पर मस्जिद के मौलवी की ओर से कथित तौर पर मातृ शिशु अस्पताल की दीवार के साथ लगती खाली जमीन पर कब्जा किया गया है और वहां पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 में उक्त खसरा नंबर 133 पर पूर्व में जारी एक आदेश के अनुसार किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद उक्त मौलवी की ओर से मस्जिद की आड़ में मातृ-शिशु अस्पताल की दीवार के साथ लगती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है।
लोगों ने प्रशासन को चेताया कि अगर अवैध निर्माण के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो यहां पर मस्जिद की आड़ में अवैध निर्माण और कब्जे को लेकर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती हैं। इस अवसर पर आरएसएस के जिला संघ चालक अशोक महाजन और डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम चेरिटेबल ट्रस्ट के सचिव अंकुश मेहरा ने प्रशासन से इस संवेदनशील मसले पर त्वरित कार्रवाई करने और उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना को सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उक्त विवादित जमीन को लेकर पहले ही कोर्ट ने स्टे लगा रखा है, बावजूद इसके ऐसे कृत्य से सामाजिक सौहार्द की स्थिति बिगड़ सकती हैं।
उधर, इस मामले में नूरपुर की तहसीलदार राधिका सैनी ने लोगों को आश्वस्त किया कि इस मामले में जल्द ही संबंधित पटवारी से रिपोर्ट तलब कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष अशोक शर्मा, पार्षद प्रवेश कुमार, अजीत मैहता, सिकंदर राणा, राजेश काका, राज कुमार मेहरा, पंडित सतपाल शर्मा, निखिल महाजन, राकेश शर्मा, एडवोकेट सचित शर्मा आदि मौजूद रहे।