धर्मशाला अस्पताल में मेडिसिन डॉक्टर ने नहीं किया ज्वाइन
अस्पताल प्रशासन को भी नहीं दी कोई सूचना, प्रशासन ने सरकार को भेजा पत्र
डॉक्टर न होने से करीब आठ माह से बंद है मेडिसिन ओपीडी, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में करीब दो माह बाद भी मेडिसिन विशेषज्ञ ने ज्वाइन नहीं किया है। 10 अप्रैल को प्रदेश सरकार ने नए डॉक्टरों की नियुक्ति के ऑर्डर निकाले थे, जिसमें धर्मशाला अस्पताल को मेडिसिन की मेडिकल ऑफिसर मिली थी, जिसने मरीजों की छाती के रोगों की जांच कर उन्हें दवाइयां देनी थीं। मगर न तो डॉक्टर ने अस्पताल में ज्वाइनिंग दी और न अस्पताल प्रशासन से आज तक कोई बात की।
इस कारण आज भी अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी पर ताला लटका हुआ है। जिससे मरीजों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। दवाइयों के लिए मेडिसिन विशेषज्ञ के परामर्श के लिए मरीजों को टांडा या अन्य निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इसके अलावा भी धर्मशाला अस्पताल में दो अन्य डॉक्टरों ने ज्वाइन नहीं किया है, लेकिन उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी है।
जानकारी के अनुसार करीब आठ माह पहले धर्मशाला अस्पताल की मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर को बीएमओ तियारा का कार्यभार सौंपा गया था और तब से अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी पर ताला लटका है। वहां पर पर्ची लगा दी गई है कि मरीज अपनी जांच महिला और पुरुष सामान्य ओपीडी में करवा सकते हैं। डॉक्टर न होने से मरीजों का मर्ज बढ़ गया है। शुगर-बीपी सहित अन्य बीमारियों के मरीजों को अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
जिले के दूसरे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में डॉक्टरों की कमी का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। डॉक्टर न होने से सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के सारे दावे हवा दो रहे हैं। इस वजह से लोगों ने सरकार के प्रति काफी रोष है। हैरत की बात तो यह है कि आज तक स्थानीय नेताओं ने इस समस्या को सरकार के समक्ष नहीं उठाया है।
कोट्स...
सरकार की ओर से अप्रैल माह में नए मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति के ऑर्डर किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद आज तक मेडिसिन की एमओ ने ज्वाइन नहीं किया है और न ही कोई सूचना अस्पताल प्रशासन को दी है। इस बारे में सरकार को लिखा गया है और आगामी कार्रवाई करना सरकार का काम है।
- डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला