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Kangra: गढ़वाल राइफल्स को सौंपे बलिदानी कै. नारायण के वीरता पदक, म्यूजियम में होंगे संरक्षित

Wed, 06 Aug 2025 01:27 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, योल (कांगड़ा)

सार

 बलिदानी अधिकारी के भाई सुखदेव सिंह ने कैप्टन सिंह को मरणोपरांत प्राप्त महावीर चक्र और अन्य सेवा पदक गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट को सौंपे। 
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गढ़वाल राइफल्स को सौंपे बलिदानी कै. नारायण के वीरता पदक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारत-पाक युद्ध 1965 के वीर योद्धा कैप्टन चंद्र नारायण सिंह की 60वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को योल में समारोह हुआ। इस अवसर पर बलिदानी अधिकारी के भाई सुखदेव सिंह ने कैप्टन सिंह को मरणोपरांत प्राप्त महावीर चक्र और अन्य सेवा पदक गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट को सौंपे। यह सम्मान गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल और अंडमान-निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने ग्रहण किया। इस समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल राजन शरावत, ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, कर्नल विशाल कुमार सिंह और गढ़वाल राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी और सैनिक भी उपस्थित रहे। लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने कैप्टन चंद्र नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें साहस, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने बलिदानी के परिजनों की ओर से पदक सौंपे जाने को एक प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी। 

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1965 में हुए थे बलिदान
बलिदानी कैप्टन चंद्र नारायण सिंह ने 5 अगस्त 1965 को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में दुश्मन की घुसपैठ का सामना करते हुए 4000 फीट की ऊंचाई पर दल अभियान का नेतृत्व किया था । भारी गोलीबारी और ग्रेनेड हमलों के बीच उन्होंने अपनी छोटी टुकड़ी के साथ छह पाकिस्तानी घुसपैठियों को ढेर किया और कई को घायल किया। सिर में गोली लगने के बावजूद उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और वीरगति को प्राप्त हुए। उनके वीरता पदक अब उत्तराखंड के लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर संग्रहालय में संरक्षित किए जाएंगे।

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