गुलेर (कांगड़ा)। पुलिस थाना हरिपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत रसूह (रानीताल) में शुक्रवार को फंदे से लटकी मिली 45 वर्षीय सिमरन के मामले में सस्पेंस गहराता जा रहा है। घटना के दूसरे दिन भी मृतका के मायके पक्ष से कोई भी सदस्य सामने नहीं आया है। इस कारण पुलिस शव का पोस्टमार्टम नहीं करवा पाई है। कानूनी प्रावधानों के तहत शव को सिविल अस्पताल देहरा के शव गृह में 72 घंटों के लिए सुरक्षित रख दिया गया है।
एसपी देहरा मयंक चौधरी ने बताया कि मृतका के पति मोनू के दावों के मुताबिक सिमरन राजस्थान की रहने वाली थी। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि पति के पास अपनी पत्नी की पहचान या मूल निवास से जुड़ा कोई भी पुख्ता दस्तावेज (आधार कार्ड या अन्य प्रमाण पत्र) मौजूद नहीं है।
करीब डेढ़ साल पहले हुए इस प्रेम विवाह के बाद से मायके वालों के बारे में कोई जानकारी न मिलना मामले को और पेचीदा बना रहा है। एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित 72 घंटों के भीतर मायके पक्ष से कोई नहीं पहुंचता है तो पुलिस मृतका के पति और स्थानीय पंचायत प्रधान के बयान दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई करेगी। इसके पश्चात ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी ताकि मौत के असल कारणों का पता चल सके।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार सुबह सिमरन का शव कमरे के भीतर छत के गार्डर से लटका मिला था। पति की नशे की लत और घर के हालातों को देखते हुए पुलिस किसी भी तरह की अनहोनी या उकसावे की आशंका को खारिज नहीं कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस अब मायके पक्ष के न मिलने की सूरत में नियमानुसार समय सीमा समाप्त होने का इंतजार कर रही है ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।