ज्वालामुखी (कांगड़ा)। पूर्व मंत्री रमेश धवाला ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल प्रदेश के कई बड़े पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर कुछ संस्थान धर्मार्थ सराय का बोर्ड लगाकर उसकी आड़ में होटल चला रहे हैं। ये संस्थान पर्यटकों और श्रद्धालुओं को महंगे दाम वसूलकर लूट रहे हैं और सरकार को टैक्स के रूप में भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
धवाला ने कहा कि छोटे गेस्ट हाउस और होमस्टे संचालकों को टैक्स के दायरे में लाया गया है, जबकि इन बड़े संस्थानों पर कोई ठोस नीति नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें भी टैक्स के दायरे में लाए और बिजली-पानी के कामर्शियल रेट लागू करे, ताकि इन पर शिकंजा कसा जा सके। इससे सरकार के आय के स्रोत भी बढ़ेंगे।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि ऐसे कई संस्थान बेनामी संपत्ति के तौर पर भी चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि चैरिटी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले इन संस्थानों की जांच होनी चाहिए और जहां अनियमितताएं पाई जाएं वहां सरकार को नियंत्रण करना चाहिए।