प्रस्तुति देतीं लोक गायक ममता। संवाद
सुलह (कांगड़ा)। मां भयभुंजनी को समर्पित परौर छिंज मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें पहाड़ी और हिंदी गानों का शानदार तड़का लगा। इस सांस्कृतिक आयोजन में पहाड़ी लोक गायक ममता भारद्वाज और अमन भरमौरी ने समां बांध दिया। अमन ने शिवा रा हुकम, लाले वो रंगी, चले बो मेरी जान, गुप चुप, मेरी गल सच और नीला तोता से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद सारे गामा पा फेम ममता भारद्वाज ने भी अपनी गायकी से रंग जमा दिए।
ममता ने माही वे, कजरा मोहब्बत वाला, मिले ही तुम हमको, उड़ें-उड़ें जब-जब जुल्फें तेरी, इस ग्राएं देया लंबरा, पहाड़ी बोलियां, लच्छी-लच्छी लोक गलांदे, प्यारे सजना, झुमके और रोहड़ू जाना जैसे हिट गानों की प्रस्तुति देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा, चांदनी डांस ग्रुप, अनिल शुकोस बैंड और असीम शर्मा ने भी अपनी शायरी से मंच पर धमाल मचाया और दर्शकों को एक शानदार सांस्कृतिक अनुभव दिया। यह आयोजन मेले में आने वाले सभी लोगों के लिए यादगार बना।