धर्मशाला। पुलिस थाना इंदौरा में वर्ष 2021 में दर्ज एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में अदालत ने आरोपी मलकीत सिंह को दोषी करार दिया है। वक्फ ट्रिब्यूनल के चेयरमैन एवं विशेष न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने दोषी को पांच वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार 3 अप्रैल 2021 को पुलिस थाना इंदौरा की टीम क्षेत्र में नाकाबंदी और गश्त पर थी। इस दौरान एचएचसी जोगिंद्र सिंह सहित पुलिस दल प्राथमिक स्कूल मीलवां के पास मौजूद था। दोपहर करीब 1:45 बजे पुलिस ने एक पंजाब नंबर की मोटरसाइकिल को जांच के लिए रोका। पुलिस को देखकर चालक घबरा गया और पीछे मुड़कर भागने का प्रयास करने लगा।
संदेह होने पर पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपनी पहचान मलकीत सिंह निवासी छन्नी के रूप में बताई। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 8.51 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर थाना इंदौरा में 3 अप्रैल 2021 को ही एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत गवाहों और पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी पर लगे आरोपों को साबित किया। इन साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह कड़ी सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की मजबूत पैरवी जिला न्यायवादी संजीव राणा ने की।