पालमपुर में योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते एसडीएम डॉ. ओपी यादव। -स्रोत : जागरूक पाठक
पालमपुर (कांगड़ा)। उपमंडलीय अधिकारी (नागरिक) पालमपुर डॉ. ओपी यादव ने कहा कि प्री स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रभावी प्रयास करें। केंद्रों में नौनिहालों की संख्या बढ़ाने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय लगातार निगरानी रखे।
एसडीएम ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और पोषण अभियान को लेकर आयोजित खंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश जारी किए। डॉ. ओपी यादव ने निर्देश दिए कि 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्री स्कूल एजुकेशन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रवेश दिलाने को लेकर अभिभावकों को प्रेरित किया जाए।
साथ ही प्री-प्राइमरी शिक्षा की बेहतरी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए। एसडीएम ने बाल विकास विभाग को अपनी परियोजना के तहत मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने के लिए उपयुक्त केंद्रों का चयन करने को कहा। इसके अलावा लिंग अनुपात में सुधार और गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीकरण के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर ग्राम सभा स्तर पर प्रभावी जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीपीओ भवारना स्थित पालमपुर रीना, सीडीपीओ सुलह कंचन राणा, विभिन्न विभागों के अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक उपस्थित रहीं।