धर्मशाला। धर्मशाला के समीपवर्ती खनियारा स्थित पटोला मैदान में आयोजित पारंपरिक भेड़े के मेले के दौरान प्राचीन श्री इंद्रूनाग देवता के गूर ने खेलपात्र के माध्यम से देववाणी की। देवता के गूर ने देव वचनों में क्षेत्र में सुख-शांति व समृद्धि बने रहने का आशीर्वाद दिया और किसी भी प्रकार की प्राकृतिक या अन्य जनहानि न होने देने का भरोसा दिलाया। इस पावन देववाणी को सुनने के लिए मैदान में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
श्री इंद्रूनाग मंदिर के पुजारी विपिन नाग ने बताया कि मेले के दौरान सनातन व पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए खेलपात्र का आयोजन किया गया। देवता के गूर ने देववाणी में श्रद्धालुओं को क्षेत्र की स्थिति और सुख-शांति से जुड़े विषयों पर आश्वस्त किया। उन्होंने घोषणा की कि श्री इंद्रूनाग देवता शुक्रवार तड़के चार बजे पवित्र राधाष्टमी स्नान के लिए भरमौर स्थित मणिमहेश यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके उपरांत 22 सितंबर को मणिमहेश से लौटने के बाद देवता देववाणी के माध्यम से आगे का संदेश देंगे।
जय इंद्रू नाग मंदिर सेवा समिति खनियारा की ओर से सायर पर्व के उपलक्ष्य पर इस वार्षिक लोक परंपरा उत्सव ''''भेड़े के मेले'''' का भव्य आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान स्थानीय पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सुंदर टापू, पिट्ठू और पांच गिट्टियां जैसी पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके साथ ही हिमाचली लोक गायन और लोक नृत्य की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मेले में समां बांधा।