बंद पड़ा नगरोटा सूरियां बस अड्डे पर यात्रियों कि सुविधा के लिए बना सार्वजनिक शौचालय (फोटो : संवा
बरियाल (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद चुनाव न करवाए जाने का खामियाजा जनता और यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय बस अड्डे पर यात्रियों की सुविधा के लिए निर्मित सार्वजनिक शौचालय काफी समय से बंद पड़ा है। शौचालय पर ताला लटकने के कारण बस अड्डे पर आने-जाने वाले यात्रियों, विशेषकर महिला सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगरोटा सूरियां बस अड्डे पर प्रतिदिन करीब दो दर्जन बसों की आवाजाही होती है। यहां से शिमला, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, पठानकोट और धर्मशाला सहित विभिन्न लंबी व स्थानीय रूट की बसें संचालित होती हैं। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री यहां पहुंचते हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2018 में तत्कालीन ग्राम पंचायत ने करीब छह लाख रुपये की विधायक निधि से गज्ज खड्ड की ढलान पर इस शौचालय का निर्माण करवाया था। उस समय पंचायत की ओर से एक सफाई कर्मचारी तैनात किया था। वर्ष 2022 में नगरोटा सूरियां को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के बाद पुरानी पंचायत व्यवस्था समाप्त हो गई।
चुनाव न हो पाने के कारण प्रशासनिक व वित्तीय व्यवस्थाएं अधर में हैं। सफाई कर्मचारी को वेतन न मिलने से शौचालय का रखरखाव बंद हो गया और आखिरकार उस पर ताला लग गया। लोगों के अनुसार नगरोटा सूरियां के साथ-साथ सुकनाड़ा, कथोली और बासा पंचायत क्षेत्रों के विकास कार्य भी चुनाव न होने के कारण प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि बस अड्डे के शौचालय को तुरंत खुलवाया जाए और इसकी नियमित सफाई के लिए स्थायी कर्मचारी की व्यवस्था की जाए।
नगर पंचायत अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा, ताकि शौचालय को दोबारा शुरू करने और उसकी देखरेख के लिए उचित व्यवस्था की जा सके।
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नगरोटा सूरियां अब नगर पंचायत बन चुका है। इसलिए सार्वजनिक शौचालय के रखरखाव और संचालन का संपूर्ण दायित्व अब नगर पंचायत प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है।
-मनोज कुमार शर्मा, खंड विकास अधिकारी