फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: लिफ्ट तो लगा दी, पांच साल से नहीं मिला लाभ

विज्ञापन
विज्ञापन
टांडा (कांगड़ा)। प्रशासनिक उपमंडल नगरोटा बगवां के संयुक्त कार्यालय भवन में पांच वर्षों से लिफ्ट शोपीस बनी हुई है। पूर्व की जयराम ठाकुर की सरकार में यहां लोगों की सुविधा के लिए लिफ्ट तो स्थापित कर दी गई लेकिन सरकार बदले हुए तीन साल बीतने के बाद भी ठेकेदार को भुगतान नहीं हो पाया। ठेकेदार को भुगतान न होने से लिफ्ट सुविधा बंद पड़ी हुई है। वर्ष 2020 में संयुक्त कार्यालय भवन का उद्घाटन हुआ था। वर्तमान में इस कार्यालय में प्रथम मंजिल पर एसडीएम कार्यालय और उप रोजगार कार्यालय स्थित हैं। दूसरी मंजिल पर खाद्य आपूर्ति, बागवानी विभाग और फोरलेन एनएचएआई कार्यालय, जबकि तीसरी मंजिल पर जलशक्ति विभाग का डिवीजन कार्यालय, राशन कार्ड और वोटर कार्ड बनाने का कार्यालय है। लगभग पांच वर्षों से इस लिफ्ट को विभाग चालू नहीं कर पाया है। लिफ्ट बंद होने से यहां पर कार्य करवाने के लिए आने वाले लोगों खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन


फोरलेन कार्यालय में अपने कार्य के लिए आया था। लिफ्ट सुविधा न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पूर्व में एक दुर्घटना में टांग में चोट आई थी। घुटने की दिक्कत के चलते सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि लिफ्ट को चालू किया जाए।

-जगविंदर, नगरोटा बगवां निवासी



कार्यालय परिसर में कार्य के लिए आने वाले दर्जनों लोगों को आए दिन समस्या से जूझना पड़ता है। अगर किसी को दूसरी या तीसरी मंजिल पर जाना हो तो सीढ़ियां चढ़ने से लोगों की सांस फूलने लगती हैं।
विज्ञापन


बलदेव चौधरी, वसीका नवीस नगरोटा बगवां


संयुक्त कार्यालय की दूसरी मंजिल तक बुजुर्ग पिता को कुर्सी पर बैठाकर पहुंचाने के लिए दो लोगों की मदद लेनी पड़ी। उसके बाद उन्हें दूसरी मंजिल तक पहुंचाया। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि लिफ्ट को दुरुस्त करें, ताकि इसका लाभ लोगों को मिल सके।

-भूषण पठानिया, नगरोटा बगवां
लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बार-बार अपने कार्य के लिए विभिन्न मंजिलों में जाना पड़ता है, लेकिन लिफ्ट की सुविधा न होने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

-वरुण धीमान, स्टाम्प विक्रेता
लाखों रुपये खर्च करके विभाग ने लिफ्ट तो लगा दी, लेकिन इसको चलाने में विभाग असमर्थ है। विभागीय कार्य के चलते बार-बार सीढ़ियां चढ़ने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

-विशाल चौधरी, अधिवक्ता
मुख्यमंत्री प्राथमिकता में कंपनी ने लिफ्ट तो स्थापित कर दी है लेकिन फंड न होने के कारण अभी तक बंद है। जैसे ही सरकार की ओर से फंड आएगा, लिफ्ट को शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

-मुनीष भूपल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें