धर्मशाला। जिला कांगड़ा में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में डीसी हेमराज बैरवा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टीसीपी विभाग की अनुमति के बिना जमीन की रजिस्ट्री न की जाए। उन्होंने कहा कि सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।
उपायुक्त ने राजस्व विभाग को आदेश दिए कि जिन मामलों में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम की धारा 16-सी और रेरा (रेरा) एक्ट लागू होते हैं, वहां विभाग की एनओसी के बिना किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री न की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण लोगों को भविष्य में सड़क, पार्क, सीवरेज और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।
बैठक में अवैध निर्माणों के विरुद्ध पुलिस, राजस्व, विद्युत और जल शक्ति विभाग को मिलकर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि बिना एनओसी के किसी भी भवन को बिजली, पानी या सीवरेज कनेक्शन न दिया जाए। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियां तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सचेत किया कि अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह भविष्य में आपदा प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन के लिए बड़े जोखिम पैदा करता है। बैठक में मंडलीय नगर योजनाकार रसिक शर्मा ने जिले के योजना क्षेत्रों और विशेष क्षेत्रों में लागू अधिनियमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।