शेयर बाजार में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर पालमपुर में एक व्यक्ति से करीब 19.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पालमपुर पुलिस थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
शिकायत के अनुसार करीब एक माह पहले पीड़ित को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने शेयर बाजार में निवेश करने पर 15 से 20 फीसदी तक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया। अधिक रिटर्न के लालच में पीड़ित आरोपियों के झांसे में आ गया।
इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने के लिए कहा। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने कई किस्तों में रकम ट्रांसफर की। इसमें कुछ पैसा अपने बैंक खाते से, कुछ नकद और कुछ रकम दोस्तों के बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई।
इस तरह आरोपियों ने उससे कुल करीब 19.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने पीड़ित के फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया। उनके मोबाइल नंबर भी बंद आने लगे। काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं होने पर पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी होने का पता चला। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर पालमपुर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।
ऐसी साइबर ठगी से कैसे बचें
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं। किसी अनजान व्यक्ति की व्हाट्सऐप कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया लिंक के आधार पर निवेश न करें। अगर कोई व्यक्ति शेयर बाजार में गारंटीड या 15-20 फीसदी मुनाफे का दावा करता है तो पहले उसकी सत्यता जांचें। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और बैंक खाते की जानकारी की पुष्टि करें।
किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते से दूसरे खातों में रकम ट्रांसफर न करें और न ही दोस्तों या रिश्तेदारों के खातों के जरिए पैसा भेजें। ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक डिटेल, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें।
अगर निवेश के नाम पर कोई दबाव बनाए या जल्द पैसा जमा करने के लिए कहे तो सतर्क हो जाएं। ठगी होने की स्थिति में बिना देरी किए बैंक को सूचना दें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ सकती है।