धर्मशाला। जिला कांगड़ा पुलिस ने नशा तस्करी में शामिल छह और आरोपियों को नजरबंद करने की तैयारी कर ली है। इन मामलों को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के अधिकृत अधिकारी को भेजा है। इससे पहले कांगड़ा पुलिस ने एक आरोपी को तीन माह के लिए जेल में नजरबंद किया है। अब मंजूरी मिलते ही छह अन्य आरोपियों पर भी ऐसी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही पुलिस ने नजरबंद किए सकोह निवासी किरन कुमार की संपत्ति की जांच आरंभ कर दी है। आरोपी के साथ उसके परिजनों और करीबियों की संपत्ति के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।
जिले में 21 नशा तस्करों पर कसेगा शिकंजा
कांगड़ा जिला में नशा तस्करों की संपत्तियों को जब्त करने और इनकी पूरी चेन को तोड़ने के लिए अब इन्हें नजरबंद किया जा रहा है। नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम (पीआईटी-एनडीपीएस) अधिनियम के तहत डिटेंशन अथॉरिटी के समक्ष मामलों को भेजा जा रहा है। तीनों पुलिस जिलों कांगड़ा, नूरपुर और देहरा से 21 ऐसे मामले मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। इसमें नूरपुर जिला पुलिस से 11 और कांगड़ा से सात और और देहरा से तीन मामले भेजे गए हैं। इनमें अभी तक नूरपुर पुलिस ने छह आरोपियों और कांगड़ा पुलिस ने एक आरोपी को नजरबंद किया है।
एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तारी के बाद जेल से बाहर आने के बाद भी कुछ आरोपी नशे के कारोबार से जुड़े रहते हैं। जिला कांगड़ा पुलिस की ओर से ऐसे सात आरोपियों को चिह्नित किया है और उन्हें नजरबंद करने के बाद उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया को शुरू होगी।
शालिनी अग्निहोत्री, एसपी कांगड़ा