परागपुर (कांगड़ा)। परागपुर क्षेत्र में जल शक्ति विभाग का कार्यालय खुलने के बावजूद स्थानीय लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यालय स्थापित होने के बाद भी उन्हें अपने रोजमर्रा के कामों के लिए करीब छह किलोमीटर दूर रक्कड़ स्थित चोली कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
संदीप, रजत, अशोक, सुरजीत, राजन, विनोद, तिलक, राजेश, जगदीश, प्रदीप और सुरेश सहित अन्य स्थानीय लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि परागपुर में न तो सहायक अभियंता की तैनाती की गई है और न ही उपमंडल स्तर की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
नए पानी के कनेक्शन लेने, बिल जमा करवाने और अन्य विभागीय कार्यों के लिए उन्हें रक्कड़ के चोली कार्यालय जाना पड़ता है, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था से आम जनता को राहत देने के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति ही की जा रही है।
स्थानीय निवासियों का तर्क है कि कार्यालय खोलने से पहले क्षेत्र की भौगोलिक एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए था। अलग-अलग स्थानों पर कार्यालय संचालित होने से सरकारी खर्च भी बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि परागपुर कार्यालय में जल्द सभी आवश्यक पद भरे जाएं और जनता को सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करवाई जाएं।