धर्मशाला (वि)। न्यू मिलेनियम इंटरनेशनल स्कूल, लदवाड़ा में इस्कॉन के संतों ने विद्यार्थियों के लिए आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हरे कृष्ण महामंत्र के कीर्तन से हुआ। इस दौरान इस्कॉन के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को भक्ति के महत्व और अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
संतों ने कहा कि भक्ति से मन शांत और एकाग्र होता है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में भी सहायता मिलती है। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन भगवान का नाम जपने, माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा नशे, झूठ और क्रोध जैसी बुरी आदतों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान से जीवन में अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित होती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और अपने प्रश्न भी पूछे। प्रधानाचार्या ने इस्कॉन के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संस्कारयुक्त कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शाए मां दुर्गा के नौ रूप
धर्मशाला (वि)। न्यू मिलेनियम इंटरनेशनल स्कूल में नवरात्र महोत्सव मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से मां दुर्गा के नौ रूपों और नवरात्र के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाया।
कार्यक्रम में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने देवी मां के नौ रूपों पर आधारित रंग-बिरंगी वेशभूषा धारण कर नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं, कक्षा छठी से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने नवरात्र के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मां दुर्गा के नौ रूप साहस, शक्ति, ज्ञान और अच्छाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
प्रधानाचार्या ने कहा कि नवरात्र केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
नन्हे विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मंच पर बिखेरे प्रकृति के रंग
धर्मशाला (वि)। जेआर अचीवर्स प्ले स्कूल का वार्षिक समारोह ‘रिदम्स ऑफ द अर्थ’ शनिवार को अचीवर्स हब सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दाड़ी में आयोजित किया गया। ‘धरती की लय : ऋतुओं का मधुर संगीत’ थीम पर आधारित इस समारोह में नन्हे विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्कूल प्रबंधन ने मुख्य अतिथि कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा का स्वागत किया।
कार्यक्रम में बच्चों ने संगीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति के मनमोहक रंगों और बदलते मौसमों को मंच पर जीवंत कर दिया। हेमराज बैरवा ने कहा कि नन्हे बच्चों को मंच पर प्रस्तुति देते देखना हमेशा सुखद और आनंददायक अनुभव होता है। आज के व्यस्त जीवन में लगभग सभी माता-पिता अपने बच्चों का बेहतर भविष्य चाहते हैं और उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। हालांकि, कामकाज और अन्य जिम्मेदारियों के बीच कई बार वे बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जिसकी उन्हें सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
स्कूल की चेयरपर्सन कृष्णा अवस्थी ने कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने भीतर विशेष प्रतिभा रखता है। आवश्यकता इस बात की है कि उसे सही दिशा देने के साथ प्रतिभा निखारने के उचित अवसर प्रदान किए जाएं।
स्कूल के एमडी अमित भारद्वाज ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। समारोह में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को अभिभावकों और अतिथियों ने सराहा।
एमएड में बिना प्रवेश परीक्षा के मिलेगा दाखिला
रैत (कांगड़ा)। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर शिक्षण महाविद्यालय, रैत में एमएड (मास्टर ऑफ एजुकेशन) कोर्स में प्रवेश का अवसर है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण शर्मा ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में करिअर बनाने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थी एमएड कोर्स में सीधे प्रवेश ले सकते हैं।
उन्होंने पात्र विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे 20 अक्तूबर से पहले महाविद्यालय पहुंचकर प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर लें। एमएड कोर्स में सीटें सीमित हैं, इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, ताकि वे इस अवसर का लाभ उठा सकें। — संवाद
स्प्रिंग डेल स्कूल में ज्ञान के सिद्धांत विषय पर कार्यशाला आयोजित
जवाली (वि)। स्प्रिंग डेल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जवाली में शनिवार को सीबीएसई के निर्देशानुसार क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इसका मुख्य विषय ‘ज्ञान का सिद्धांत’ रहा। कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन डॉ. राजीव सिंह निरयाल और चंद्रभूषण ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
कार्यशाला में स्प्रिंग डेल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जवाली के साथ-साथ तृप्ता पब्लिक स्कूल, चलवाड़ा, एंजेल पब्लिक स्कूल, डीएवी स्कूल, मनेई तथा अन्य सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के अध्यापकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागी अध्यापकों की तिलक सेरेमनी से हुई।
रिसोर्स पर्सन ने विभिन्न गतिविधियों और केस स्टडी के माध्यम से ज्ञान के सिद्धांत, आलोचनात्मक चिंतन और महत्वपूर्ण सोच के महत्व को समझाया। उन्होंने शिक्षकों को केस स्टडी हल करने के तरीके भी बताए। कार्यक्रम के अंत में रिसोर्स पर्सन को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
सेक्रेड सोल स्कूल की छात्रा ने राज्य स्तरीय भारोत्तोलन में जीता कांस्य पदक
धर्मशाला (वि)। सेक्रेड सोल कैंब्रिज स्कूल की ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा हरप्रीत कौर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, हमीरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप के 77 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया है। उनकी मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षण से स्कूल और स्थानीय समुदाय को गौरव मिला है।
सेक्रेड सोल कैंब्रिज स्कूल का प्रबंधन और स्टाफ अपनी छात्रा की इस उपलब्धि पर प्रसन्न है। स्कूल के चेयरमैन डॉ. जगदीश सिंह ने हरप्रीत, उनके प्रशिक्षक अनुपम शर्मा, माता-पिता और स्कूल परिवार को बधाई दी। उन्होंने हरप्रीत की मेहनत और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें खेल और शिक्षा के क्षेत्र में आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को सड़क संकेतों की पहचान और उनके अर्थ बताए
धर्मशाला (वि)। कांता कॉलेज ऑफ एजुकेशन, चलवाड़ा की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मैरा में सड़क सुरक्षा और सड़क संकेतों की पहचान विषय पर सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बीएड तृतीय सेमेस्टर के प्रशिक्षु शिक्षकों ने भाग लिया और विद्यालय के विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व, यातायात नियमों के पालन और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार के बारे में जानकारी दी गई। सड़क संकेतों की पहचान के लिए एक गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों को विभिन्न यातायात संकेत दिखाकर उनकी पहचान करने और उनके अर्थ बताने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, सड़क पर सावधानी बरतने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था।