पालमपुर में भिरल खड्ड पर बने कच्चे शौचालय की बात सामने आते ही अब आईपीएच विभाग हरकत में आ गया है। चौकी में पानी के बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के सफाई कार्य को लेकर कई सालों से सोया विभाग जाग गया है। जबकि विभाग ने भिरल खड्ड पर बने कच्चे शौचालयों को पंचायत प्रधान की मदद से हटवा दिया है।
इसके अलावा चौकी गांव से सुलह विस क्षेत्र के निचले क्षेत्रों को जाने वाले सप्लाई टैंक की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो टैंक की सफाई के दौरान अब तक क्विंटलों के हिसाब से गाद समेत कूड़ा कर्कट निकला है। विभाग के कर्मचारी अभी तक वाटर ट्रीटमेंट की सफाई कार्य में जुटे हैं। विभाग भले ही इसे रूटीन का कार्य बता रहा है लेकिन, वाटर ट्रीटमेंट को साफ करने के आदेश विभाग सीपीसी (आईपीएच) से मिले हैं।
इससे पहले इसकी कब सफाई हुई है, किसी को याद ही नहीं है। चौकी में पानी की सप्लाई के लिए दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं। एक को सप्लाई कंडी से आती है तो दूसरे को कृपाल चंद कूहल से। इस प्लांट की सफाई का कार्य चला हुआ है। जाहिर है कि कृपाल चंद कूहल की सफाई की हालत क्या है। कूहल की गंदगी को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।
चौकी में बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहले आईपीएच डिवीजन पालमपुर के अधीन आते थे लेकिन, इस साल अब यह आईपीएच विभाग डरोह के अधीन हैं। चौकी के पास ट्रीटमेंट प्लांट से निकली गाद को देख लोग भी हैरान हैं। आईपीएच विभाग डरोह के एसडीओ अनिल वर्मा ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई का कार्य रूटीन के आधार पर चला हुआ है। यह प्लांट डरोह के पास इस साल ही बना है।
सीपीएस (आईपीएच) जगजीवन पाल ने कहा कि लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया करवाने के लिए उन्होंने विभाग को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को साफ करने के आदेश दिए है। ताकि, लोगों को साफ पीने का पानी मिल सके। वह जल्द ही कृपाल चंद कूहल, मौल खड्ड और भिरल खड्ड का दौरा करेंगे। पानी में गंदगी से कोई समझौता नहीं होगा।
भिरल खड्ड के किनारे बने शौचालयों को पंचायत ने शुक्रवार को हटा दिया है। प्रशासन ने पंचायत को इन शौचालयों को हटाने के आदेश दिए थे। यह शौचालय पंचायत भूमि पर बने थे। एसडीएम अजीत भारद्वाज ने कहा कि शौचालयों को हटा दिया है। इस मसले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।