डमटाल (कांगड़ा)। डमटाल अनाज मंडी में बुधवार देर शाम व्यापारियों ने तैश में आकर चेकिंग पर आए आबकारी एवं कराधान विभाग के एटीसी को कमरे में बंद कर दिया। अफसर को कमरे में बंद करने के बाद व्यापारियों ने विभाग और अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार आबकारी एवं कराधान विभाग नूरपुर के एटीसी विवेक महाजन बुधवार को अपनी टीम के साथ अनाज मंडी में एक व्यापारी के गच्चक का अवैध कारोबार करने की गुप्त सूचना के आधार पर चेकिंग के लिए आए थे। इस पर एटीसी ने डमटाल के व्यापारी को अपना गोदाम चेक करवाने और माल का बिल दिखाने को कहा। व्यापारी ने गोदाम में रखा सामान और बिल पेश करने की बजाय डमटाल के व्यापारी वर्ग को इकट्ठा करके एटीसी को कथित रूप से जबरन कमरे में बंद कर दिया।
साथ ही व्यापारी ने विभाग पर जबरन वसूली के आरोप भी लगाए। मौके पर स्थिति को देखते हुए एटीसी ने डीएसपी मोहिंद्र सिंह मन्हास को घटनाक्रम के बारे में सूचित किया। मौके पर डीएसपी मोहिंद्र सिंह मिन्हास के साथ पहुंची पुलिस टीम ने उग्र भीड़ को तितर-बितर किया।
भीड़ के शांत होने के बाद एटीसी ने व्यापारी को अपने गोदाम की चेकिंग और इसमें रखे सामान का बिल पेश करने के लिए कहा। लेकिन, व्यापारी ने अपने गोदाम की चेकिंग नहीं करने दी। न ही सामान का बिल दिखाया। व्यापारी ने 100 पेटी गच्चक कहकर कुल 11275 रुपये बतौर जुर्माना भर दिया। उधर, व्यापारी वर्ग ने कहा कि विभाग के एटीसी उनके गोदामों में रखे सामन की जांच नहीं कर सकते हैं। विभागीय अधिकारी सिर्फ राह पर चलने वाली गाड़ियों की ही चेकिंग कर सकते हैं। यदि विभाग ने अपना कड़ा रुख न छोड़ा तो व्यापारी वर्ग उग्र आंदोलन पर उतरेगा।
कोट
उच्चाधिकारियों के आदेशों पर की कार्रवाई : विवेक
विभाग के एटीसी विवेक महाजन ने बताया कि में उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देशानुसार वह डमटाल अनाज मंडी में स्टाफ के साथ चेकिंग पर गए थे। सूचना मिली थी कि व्यापारी गच्चक का कारोबार अवैध रूप से कर रहा है। साथ ही लाखों का सामान गोदाम में छिपा कर रखा हुआ है। व्यापारी को माल और बिल दिखाने के लिए कहा। लेकिन, उसने भीड़ इकट्ठी कर विभाग के प्रति नारेबाजी की और गोदाम में माल चेक करवाने से मना कर दिया।
दोनों पार्टियों को बिठाकर किया मामला शांत : मोहिंद्र
नूरपुर के डीएसपी मोहिंद्र सिंह मन्हास ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एटीसी को डमटाल के व्यापारियों ने घेर कर रखा हुआ है। इस पर मौके पर जाकर भीड़ को उन्होंने शांत करवाकर दोनों पक्षों को बैठाकर आपसी बातचीत करवाई। व्यापारी पर जुर्माना लगाया गया।