धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला ने सेवा में कमी के मामले में बीमा क्लेम ठुकराने वाली कंपनी को उपभोक्ता को 2,50,672 रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने मानसिक पीड़ा के लिए 15,000 रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 10,000 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश भी दिए हैं।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा तथा सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।
जानकारी के अनुसार कांगड़ा जिले के जवाली उपमंडल के जरोत निवासी अंकुश कौंडल ने अपनी मारुति सुजुकी सेलेरियो कार का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 12 मार्च 2022 से 11 मार्च 2025 तक के लिए करवाया था। बताया गया कि 4 नवंबर 2023 को उनके पिता संतोष कुमार कार चलाकर राजस्थान के श्रीगंगानगर से हिमाचल प्रदेश की ओर आ रहे थे।
इस दौरान वाहन रेलवे क्रॉसिंग के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर रेलवे संपत्ति से टकरा गया। घटना के बाद रेलवे की ओर से चालक से 4,500 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। दुर्घटना के बाद वाहन को मरम्मत के लिए भेजा गया और सर्वे करवाया गया, जिसमें कुल नुकसान 2,50,672 रुपये आंका गया।
हालांकि बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि दुर्घटना के कारणों के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई है। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने एफआईआर, चालक के अदालत में दिए बयान और सर्वे रिपोर्ट सहित सभी दस्तावेजों का अध्ययन किया।
आयोग ने पाया कि दुर्घटना वास्तव में हुई थी और शिकायतकर्ता ने कोई महत्वपूर्ण तथ्य नहीं छिपाया है। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी द्वारा दावा खारिज करना तर्कसंगत नहीं था और यह सेवा में कमी का मामला है। इसी आधार पर आयोग ने शिकायत को स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को ब्याज सहित राशि अदा करने के आदेश दिए।