धर्मशाला। सेंट्रल टीबी डिवीजन भारत सरकार की टीम ने कांगड़ा जिले का दौरा कर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति, चुनौतियों एवं बेहतर कार्यान्वयन के लिए आवश्यक सुधारों की समीक्षा की। सीएमओ डॉ. विवेक करोल ने बताया कि टीम ने जिला स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। टीम ने सुझाव दिया कि प्रत्येक आशा कार्यकर्ता द्वारा संवेदनशील जनसंख्या की लाइन लिस्ट तैयार कर नियमित रूप से अपडेट की जाए। यह सूची सभी पीएचआई पर उपलब्ध होनी चाहिए। टीम ने यह भी निर्देश दिया कि एसटीएस प्रत्येक माह निजी चिकित्सकों से बैठक करें और उनके माध्यम से भी टीबी के नए रोगियों की खोज एवं रिपोर्टिंग को बढ़ावा दें।
संपर्क अनुरेखण केवल परिवार तक सीमित न रखते हुए कार्यस्थल और समुदाय स्तर तक विस्तारित करने पर बल दिया गया। टीम ने निर्देश दिए कि जिले की 3.42 लाख संवेदनशील जनसंख्या का 100 फीसदी पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर किया जाए। संभावित निश्चय शिविर में कम से कम 250 एक्स-रे सुनिश्चित किए जाएं और लाभार्थियों की मोबिलाइजेशन एवं शिविर की निगरानी बीएमओ कार्यालय स्तर से की जाए। संवेदनशील श्रेणी के किसी भी व्यक्ति को ओपीडी या संपर्क स्थल से एक्स-रे कराने की सलाह दी जानी चाहिए। सीएमओ डॉ. विवेक करोल ने कहा कि सेंट्रल टीबी डिवीजन टीम की ओर से दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को जिला स्तर पर गंभीरता से लागू किया जाएगा।