पालमपुर (कांगड़ा)। भारतीय पूर्व सैनिक लीग में आंतरिक खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पालमपुर शाखा के मुख्य सलाहकार मेजर जनरल डीवीएस राणा (सेवानिवृत्त) ने प्रदेश नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष पर तानाशाही के आरोप जड़े हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन में बिना किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और बिना अविश्वास प्रस्ताव के निर्वाचित पदाधिकारियों को हटाया जा रहा है, जिससे पूर्व सैनिकों में गहरा रोष है। पालमपुर में पत्रकार वार्ता में मेजर जनरल राणा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष वाईएस राणा ने पालमपुर लीग के चुने हुए अध्यक्ष रमेश डढवाल को असंवैधानिक तरीके से पदमुक्त कर दिया और गगन सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लीग में पिछले तीन वर्षों से अलोकतांत्रिक फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की ताकि संस्था अपने मूल उद्देश्य और संविधान के तहत काम कर सके। वहीं, रमेश डढवाल ने इस फैसले को दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए इसे अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर की मासिक बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी। साथ ही उन्होंने कार्यालय से जरूरी कार्रवाई रजिस्टर चोरी होने की पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने की जानकारी भी दी। इस मौके पर उनके साथ संतोष कटोच, कुलदीप चंद राणा, विक्रम कटोच और मीडिया प्रवक्ता कुलदीप राणा सहित कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।