धर्मशाला। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त 436 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में 50 हजार रुपये वार्षिक पारिवारिक आय और 35 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा कई महिलाओं के लिए बाधा बन गई है। खासकर गरीब और विधवा महिलाओं को इससे सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं का कहना है कि वर्तमान में अधिकांश परिवारों की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक है। 35 वर्ष से अधिक आयु की विधवा और अन्य महिलाएं भी योग्यताएं पूरी करने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की महासचिव लैज्या ठाकुर ने बताया कि आयु सीमा पहले की तरह 40 वर्ष करने की मांग के संबंध में सरकार को ज्ञापन भी सौंपा गया था लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शाहपुर की इच्छुक महिला पूजा देवी और किरण वाला ने बताया कि उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद के लिए आवेदन किया था लेकिन 51 हजार रुपये की वार्षिक आय होने के कारण उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए गए। पूजा देवी ने बताया कि उनके पति दुकानदारी करते हैं। उन्होंने स्वयं स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है। परिवार में कोई भी सरकारी कर्मचारी नहीं है। आय सीमा एक हजार रुपये अधिक होने के कारण आवेदन वापस कर दिया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में आवेदन करने के लिए आयु सीमा और वार्षिक आय निदेशालय से निर्धारित की गई है। वर्तमान में पारिवारिक आय की परिस्थितियां बदल गई हैं लेकिन निदेशालय की ओर से आय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। -अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा