धर्मशाला। नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधानों के मुताबिक सभी व्यावसायिक संस्थानों, होटल और होम स्टे भवनों में अगले माह तक फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित न किया गया तो मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन नगरी में भी अग्निशमन विभाग की ओर से ऐसे भवन मालिकों को निर्देश जारी किए गए हैं। भवनों में इस सिस्टम को स्थापित न करने पर भवन अप्रूवल को भी रद्द किया जा सकता है। हालांकि, इस नए नियम को लेकर होटल कारोबारियों की ओर से आपत्ति भी जताई जा रही है, जिसमें पुराने भवनों में इसे स्थापित करने में असमर्थता जताई गई है।
धर्मशाला के अग्निशमन अधिकारी कर्म चंद कश्यप ने बताया कि प्रदेश में नेशनल बिल्डिंग कोड के तहत व्यावसायिक भवनों (होटल-होम स्टे) में स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा उपायों का पालन करना अनिवार्य है। कुछ होटल कारोबारियों की ओर से पुराने भवनों में इस सिस्टम को स्थापित करने के लिए असमर्थता जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि पुराने भवनों में इस प्रणाली को स्थापित करने में परेशानी आ रही है लेकिन आग बुझाने के लिए अन्य विकल्पों को स्थापित किया जा सकता है। इसमें कुछ राहत दी जा सकती है, लेकिन भवनों में आग बुझाने की प्रणाली नहीं स्थापित की जाती है तो भवन मालिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भवन की अप्रूवल को रद्द किया जा सकता है। क्षेत्र में नए बन रहे व्यावसायिक भवनों में इसे स्थापित किया जा रहा है और विभाग की ओर से भी इनकी जांच की जा रही है। इस सिस्टम को स्थापित करने के लिए दिसंबर 2025 तक का समय दिया गया है। इसके बाद विभाग होटल-होम स्टे का निरीक्षण कर इन व्यवस्थाओं को जांचेगा।