धर्मशाला। जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत सोकणी दा कोट (खनियारा) में मनूणी खड्ड में बुधवार को आई बाढ़ से दो श्रमिकों की मौत के मामले ने हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रबंधन, प्रशासन, खनन विभाग और आपदा प्राधिकरण पर कई सवाल खड़े किए हैं। बारिश से होने वाले नुकसान को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी को हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन पर पूरी तरह से नजरअंदाज करने के आरोप हैं। वहीं, एडवाइजरी जारी कर प्रशासन ने भी महज औपचारिकता निभाई है और खड्ड में प्रोजेक्ट चलता रहा। प्रशासन की ओर से आदेशों की पालना करवाने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाए। वहीं, जल शक्ति विभाग ने भी प्रशासन को हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन कंपनी प्रबंधन की लापरवाही के बारे में पहले ही चेताया था। हैरानी की बात यह है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों में न जाने के बारे में जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी होते रहे हैं। इसके बावजूद खनियारा की मनूणी खड्ड पर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का निर्माण समझ से परे है।
मजदूरों का खड्ड के रास्ते से ही प्रोजेक्ट साइट पर आना-जाना रहता है। खड्ड में दशकों पहले से मजबूती से टिके विशाल पत्थरों को बलास्टिंग के जरिये तोड़ दिया है। प्रोजेक्ट निर्माण के कारण पेयजल स्कीमों को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ माह पहले जल शक्ति विभाग ने पेयजल स्कीमों को पहुंचे नुकसान को लेकर हाइड्रो पावर कंपनी को नोटिस भी जारी किया था। इसके बावजूद खनन गतिविधियां जारी हैं। जिसका खामियाजा जल शक्ति विभाग को बुधवार को फिर से भुगतना पड़ा।
15 से 20 श्रमिकों के बहने की सूचना : सुधीर
धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि खनियारा की मनूणी खड्ड पर निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट कंपनी में कार्यरत करीब 15 से 20 श्रमिकों के बहने की सूचना है। ये सभी खड्ड के किनारे शेड में रहते थे। ऐसी हृदय विदारक घटना शायद ही पहले कभी देखी गई हो।
श्रमिकों के शव उनके परिवार तक पहुंचाए कंपनी : पठानिया
भारतीय मजदूर संघ के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष देशराज पठानिया ने इस दुखद घटना पर शोक जताया है। उन्होंने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन कंपनी से मांग की है कि जिन श्रमिकों की मौत हुई है, उनके शव उनके परिवार व घर तक पहुंचाए जाएं। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
दोपहर बाद दो बजे के करीब खराब हुआ मौसम : दया किशन
प्रत्यक्षदर्शी जेएंडके के जिला डोडा निवासी दया किशन ने कहा कि बुधवार दोपहर बाद करीब 2:00 बजे मौसम खराब हुआ है। हम बाजार में सामान लेने गए थे। जब हम ऊपर पहुंचे तो कुछ लोग खाना खा रहे थे, हमने देखा कि पानी का बहाव बढ़ रहा है। जैसे ही हम सड़क पर पहुंचे तो पीछे से नाले में पानी का बहाव बढ़ गया। वहां करीब 28 लोग थे, जिनमें से 10 चंबा से हैं। वहां मौजूद कुछ लोगों को हमने पानी बढ़ने पर भागने का इशारा भी किया था।
पहाड़ी पर चढ़कर बचाई जान : रवि
जेएंडके के निवासी रवि कुमार ने बताया कि आधे दिन के बाद बारिश ज्यादा बढ़ गई थी। जिस पर कंपनी की ओर से कहा गया था कि बारिश कम हो जाएगी तो काम पर लौट आना, जिस पर हम इंतजार कर रहे थे, लेकिन बारिश घटने के बजाय बढ़ गई और हमें नीचे शिफ्ट होने के लिए कहा गया। हम नीचे आ रहे थे कि रोड से पानी आ गया, जिसके चलते कुछ मजदूरों ने पहाड़ी पर चढ़कर जान बचाई। नाले में आई बाढ़ के चलते जेएंडके के एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक जेसीबी भी बह गई है। हम 26-27 लोग वापस आ गए हैं और अपने घर जा रहे हैं, जबकि ऊपर और भी लोग फंसे हुए हैं।
धर्मशाला के समीप मनूणी खड्ड में तेज बहाव के बाद मजदूरों के बहने की सूचना मिली है। इसको लेकर अभी तक मात्र दो शव रेस्क्यू किए हैं। इनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जबकि पुलिस की ओर से आगामी प्रकिया जारी है। शालिनी अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा
मनूणी खड्ड से दो लोगों के शव बरामद कर लिए हैं। एसडीआरएफ की टीमें मौके पर हैं। रेस्क्यू ऑपेरशन जारी है। हाइड्रो कंपनी प्रबंधन से पूछताछ जारी है कि कितने कर्मचारी प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं और कितने लापता हैं। अभी तक यह नहीं कहा जा सकता कि बादल फटा है। न ही मौसम विज्ञान विभाग से ऐसी कोई सूचना है, लेकिन खड्ड में पानी का बहाव काफी अधिक था। -हेमराज बैरवा, उपायुक्त कांगड़ा
मनूणी खड्ड पर जल शक्ति विभाग की पेयजल स्कीमें हैं। पूर्व में भी पावर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य से पेयजल स्कीमों को नुकसान पहुंचा था। इसे लेकर कंपनी प्रबंधन को नोटिस दिया था। एसडीएम कोर्ट में मामला भी चल रहा है। अब बुधवार को फिर से पेयजल स्कीम प्रभावित हुई है। -दीपक गर्ग, मुख्य अभियंता, जल शक्ति विभाग धर्मशाला
बारिश से धर्मशाला जोन में 40 पेयजल स्कीमें प्रभावित
धर्मशाला। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से जल शक्ति विभाग के उत्तरी जोन में करीब 40 से अधिक पेयजल स्कीमें प्रभावित हुई हैं। इससे विभाग को करीब 11 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अकेले धर्मशाला सर्किल में ही 18 पेयजल स्कीमें प्रभावित हैं। कई जगह विभाग की मशीनरी और पाइप बह गए हैं। इससे आगामी दिनों में संबंधित क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा सकता है।
धर्मशाला के समीप खनियारा में मनूणी खड्ड में बहे व्यक्ति का शव रेस्क्यू करते लोग। संवाद- फोटो : प्रशासन