धर्मशाला। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सैकड़ों गरीब परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया गया है। सुधीर शर्मा ने मंगलवार को प्रेस बयान में कहा कि धर्मशाला ब्लॉक की लगभग 27 पंचायतों में बीपीएल में शामिल होने वाले परिवारों की संख्या पहले सैकड़ों में होती थी, जो अब घटकर केवल दर्जनों में रह गई है। नियम पहले भी थे, लेकिन उस समय इतने परिवार बाहर क्यों नहीं हुए, यह अपने आप में सरकार की मंशा को उजागर करता है। सरकार के निर्णय से व्यवस्था का पतन हो चुका है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मुझसे जी भरकर राजनीति कर लें, लेकिन हिमाचल और धर्मशाला की जनता को बख्श दें। विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की धर्मशाला से ईर्ष्या जगजाहिर है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 30 करोड़ रुपये आज तक जमा नहीं करवाए गए, स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट ठप पड़े हैं, जबकि प्रदेश के बाहर के वकीलों को 120 करोड़ रुपये दे दिए गए। शहर में कोई नया विकास कार्य नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों और पंचायतों में कर्मचारियों को डराने का काम किया जा रहा है। इससे पहले कांगड़ा कार्निवाल में अफसरों से उगाही के आरोप लगे, जिसे पूरे प्रदेश ने देखा। अफसर आज डर के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार के नाम पर मुआवजा घोटाले की जांच के लिए केंद्र सरकार से मामला उठाया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी भू-माफिया की ओर से जमीन की रजिस्ट्री में भूमि की क्लास बदलने और एक आला महिला अधिकारी द्वारा राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर दबाव बनाने का मामला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।